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अंबरनाथ से गांव पैदल जा रहे 80 लोगों को पुलिस ने पकड़ा

अंबरनाथ से गांव पैदल जा रहे 

80 लोगों को पुलिस ने पकड़ा

गांधी विद्यालय में उनके रहने व भोजन की व्यवस्था की गई

      
अंबरनाथ / युसूफ शेख
कोरोना वायरस संक्रमण से पूरा देश जंग लड़ रहा है। लॉक डाऊन होने के कारण मजदूर बेरोजगार हो गए है। ट्रेन, वाहन, बस सभी बंद होने के कारण ये मजदूर अपने गांव भी नहीं जा पा रहे हैं। पैदल गांव जाने के लिए वह अपने बाल बच्चों के साथ सड़क पर निकल रहे हैं तो उन्हें पुलिस आगे जाने के लिए रोक रही है। पैदल अपने बाल बच्चों के साथ गांव जा रहे 80 लोगों को सड़क पर पकड़कर उन्हें शहर पुलिस ने महात्मा गांधी विद्यालय के स्कूल में शरणार्थी के रूप में रखा है, उन्हें यहां खाने-पीने रहने व आरोग्य जांच की सुविधा दी गई है। फिर भी ये शरणार्थी जीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें छोड़ा जाए उनके परिवार के अन्य सदस्य वहां रहते हैं। उनसे वह मिलना चाहते हैं। इन 80 शरणार्थीयों की सुविधाओं
को देखने और उन्हें समझाने के लिए गुरुवार को अंबरनाथ के विधायक डॉ. बालाजी किणीकर, मुख्याधिकारी देवीदास पवार, पूर्व नगराध्यक्ष सुनील चौधरी, जैन समाज के रुपसिंग धल, किशोर जैन, भरत जैन, अशोक बाफना आदि पहुंचे। गांधी विद्यालय में इनके रहने की व्यवस्था अंबरनाथ नगरपरिषद द्वारा की गई है। खाने की व्यवस्था अंबरनाथ जैन सेवा मंडल की ओर से किया गया है। 80 लोगों में पुरुषों के अलावा कई महिलाएं, बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों द्वारा इनके आरोग्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन 80 लोगों को कोई परेशानी ना हो इस पर पूरा ध्यान शासन की तरफ से दिया जा रहा है। आरोग्य विभाग अधिकारी सुरेश पाटील भी इनको सारी सुविधाएं मिले इस पर नजर रखे हुए हैं।

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